अंधविश्वास का फायदा उठाकर लकवाग्रस्त मरीज के घर से उड़ाए नगदी और जेवरात, पुलिस ने 92 हजार सहित माल किया जब्त

by Kakajee News

 

बालोद। बालोद पुलिस ने पूजा-पाठ और जादू-टोना ठीक करने का झांसा देकर एक पीड़ित परिवार से लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में दो महिलाओं सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने लकवाग्रस्त पति की पत्नी को डरा-धमकाकर नगदी और सोने-चांदी के आभूषणों समेत कुल 2,72,000 रुपए की ठगी की थी।
मामला बालोद सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के झलमला गंगानगर क्षेत्र का है, जहाँ प्रार्थीया धनेश्वरी ठाकुर अपने लकवाग्रस्त पति के इलाज के लिए किराए के मकान में रहती हैं। पुलिस के अनुसार, तीज के समय आरोपी महिला तिखुर बेचने के बहाने पीड़ित के घर पहुँची थी। उसने पति की बीमारी देखकर कहा कि यह “जादू-टोना” है और वह अपने बैगा परिचित से पूजा-पाठ करवाकर इसे ठीक करवा देगी।
कुछ दिनों बाद, रवि नेताम, रीना नेताम और पदमा मण्डावी नामक तीन आरोपी पीड़ित के घर पहुँचे और पूजा शुरू कर दी। आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से कहा कि “पूजा तभी फलित होगी जब घर का सारा पैसा और जेवरात चढ़ाओगे, अन्यथा अनर्थ हो जाएगा और पति के साथ कोई अनहोनी हो जाएगी।” डर के मारे प्रार्थीया ने घर में रखे 1,67,000 रुपए नगद और पहने हुए सोने-चांदी के आभूषण पूजा स्थल पर रख दिए जिसकी कुल लागत लगभग 3 लाख रुपए थी ठगी करने के बाद, आरोपी यह कहकर फरार हो गए कि वे रकम और आभूषण “माता के चरणों में छुआकर” वापस कर देंगे। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले में जांच शुरू किया कठोर पूछताछ के बाद, तीनों आरोपी अंततः टूट गए और अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपियों की पहचान रवि नेताम (40), रीना नेताम (30), और पदमा मण्डावी (50) (सभी निवासी कनेरी मनेरीपारा, थाना पुरूर) के रूप में हुई है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी की गई राशि में से 92,000 नगद, सोने-चांदी के आभूषण और वारदात में इस्तेमाल मोबाइल जब्त किया है। आरोपियों को धारा 318(4) और 3(5) बीएनएस के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

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