गोधाम योजना शुरू करने वाले पहले यह बताए कि कांग्रेस सरकार के गोठान को अब तक बंद क्यों रखा गया है, गोठान योजना का नाम बदलकर भाजपा श्रेय लेने का प्रयास कर रही है ?

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रायगढ़। प्रदेश में भाजपा सरकार द्वारा नई घोषित गोधाम योजना को लेकर जोर शोर से प्रचार प्रसार कर रही है । गोधाम योजना को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता तारेन्द्र डनसेना ने राज्य सरकार पर कई गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि यह योजना वास्तव में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की महत्वाकांक्षी गोठान योजना का ही बदला हुआ रूप है, जिसे केवल नाम परिवर्तन कर भाजपा अपनी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश कर रही है ।

जिला कांग्रेस कमेटी रायगढ़ के प्रवक्ता तारेन्द्र डनसेना ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय शुरू की गई गोठान योजना का उद्देश्य केवल गौ-संरक्षण तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, गौ-आधारित जैविक खेती को बढ़ावा देना और महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना था। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत प्रदेश के हजारों गांवों में गोठानों का निर्माण हुआ, जहां गोबर खरीदी, वर्मी कम्पोस्ट निर्माण और अन्य गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीणों को अतिरिक्त आय का स्रोत मिला।

तारेन्द्र डनसेना ने आरोप लगाया कि वर्तमान भाजपा सरकार ने उसी ढांचे को गोधाम योजना के नाम से प्रस्तुत कर दिया है। उन्होंने कहा कि यदि यह वास्तव में नई योजना है तो सरकार स्पष्ट करे कि इसमें ऐसा क्या नया प्रावधान है जो पहले की गोठान योजना में मौजूद नहीं था।

कांग्रेस प्रवक्ता तारेन्द्र डनसेना ने कहा कि भाजपा अक्सर गौ-संरक्षण की राजनीति करती है, लेकिन जब वास्तविक नीतियों और ठोस कार्यवाही की बात आती है तो सरकार स्पष्ट जवाब देने से बचती दिखाई देती है। उन्होंने सरकार से यह भी पूछा कि प्रदेश में गौ-हत्या और गौ-तस्करी को रोकने के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं।

तारेन्द्र डनसेना ने सरकार से मांग की कि वह सार्वजनिक रूप से यह जानकारी दे कि-

•प्रदेश में अब तक कितने अवैध कत्लखानों पर कार्रवाई की गई है ।
•कितने गौ-वंश तस्करों और हत्यारों को गिरफ्तार किया गया है।
•गौ-संरक्षण से संबंधित मामलों में कितनी एफआईआर दर्ज हुई और कितनों को सजा मिली।
•और गौशालाओं तथा किसानों को वास्तविक रूप से कितना लाभ पहुंचा है।

उन्होने कहा कि यदि सरकार सच में गौ-संरक्षण को लेकर गंभीर है तो केवल योजनाओं के नाम बदलने या राजनीतिक बयान देने से काम नहीं चलेगा। इसके लिए जमीनी स्तर पर प्रभावी व्यवस्था, पारदर्शिता और सख्त कानून के क्रियान्वयन की आवश्यकता है।

तारेन्द्र डनसेना ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की कई जनकल्याणकारी योजनाओं का स्वरूप बदलकर उन्हें नई योजना के रूप में पेश करने की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब इस प्रकार की राजनीति को समझने लगी है और सरकार को योजनाओं की वास्तविक स्थिति और बजट का पूरा विवरण सार्वजनिक करना चाहिए।

गोधाम को लेकर जोर शोर से प्रचार प्रसार करने वाले भाजपा सरकार पहले यह बताए कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी द्वारा गांव गांव में स्थापित गोठान को 2 साल तक मृत अवस्था में क्यों छोड़ दिए । गोठान से आश्रित उन स्व-सहायता समूहों के महिलाओं को गोठान बंद होने पर सरकार द्वारा उनके जीवन यापन करने के लिए क्या व्यवस्था किया गया था । क्या सरकार फिर से गोबर व गोमूत्र की खरीदी करने की हिम्मत करेगी ।

कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी कहा कि गौ-संरक्षण जैसे संवेदनशील विषय को राजनीतिक लाभ का माध्यम बनाने के बजाय सरकार को ठोस नीति और ईमानदार क्रियान्वयन पर ध्यान देना चाहिए, तभी प्रदेश में गौ-वंश संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था दोनों को वास्तविक मजबूती मिल सकेगी।

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Author: kakajee

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