रायगढ़ / घरघोड़ा – घरघोड़ा–तराईमाल- तमनार क्षेत्र में स्थानीय युवाओं के रोजगार, श्रमिक हित, प्रदूषण नियंत्रण, सड़क सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं, CSR कार्यों एवं जनसुविधाओं को लेकर लगातार चल रहे जनदबाव, कलेक्ट्रेट घेराव के बाद प्रस्तावित प्लांट घेराव एवं उग्र आंदोलन की चेतावनी का बड़ा असर देखने को मिला। जिला युवा कांग्रेस रायगढ़ (ग्रामीण) अध्यक्ष उस्मान बेग एवं जिला एनएसयूआई रायगढ़ अध्यक्ष आरिफ हुसैन के नेतृत्व में क्षेत्रवासियों, युवाओं, किसानों और श्रमिकों की एकजुट आवाज के बाद प्रशासन को जनहित में आज घरघोड़ा में त्रिपक्षीय बैठक आयोजित करनी पड़ी, जिसमें प्रशासन, संबंधित विभागों तथा संगठन व ग्रामवासियों के बीच विस्तृत और सकारात्मक चर्चा हुई।
बैठक में युवा नेताओं की ओर से सबसे प्रमुख मांग स्थानीय युवाओं के लिए स्थायी रोजगार व्यवस्था की रखी गई। इसके अंतर्गत हर वर्ष कॉलेज, आईटीआई, पॉलिटेक्निक एवं स्थानीय शिक्षण संस्थानों में अनिवार्य प्लेसमेंट कैंप आयोजित कराने, ग्राम तराईमाल, गेरवानी, तमनार, घरघोड़ा एवं प्रभावित ग्रामों के युवाओं के लिए विशेष भर्ती शिविर लगाने तथा उद्योगों में स्थानीय युवाओं को प्रथम प्राथमिकता देने की मांग रखी गई। इस पर प्रशासन ने सकारात्मक सहमति जताते हुए संबंधित विभागों के माध्यम से रोजगार उन्मुख कार्ययोजना तैयार करने का आश्वासन दिया।
सड़क सुरक्षा और जनसुविधा के मुद्दे पर घरघोड़ा से रायगढ़ तक मुख्य ग्रामों एवं प्रमुख सड़क मार्गों पर CCTV कैमरे लगाने, पूंजीपथरा तिराहा चौक पर हाईमास्क लाइट स्थापित करने, तथा बंजारी मंदिर से प्लांट तक मुख्य सड़क पर स्ट्रीट लाइट, सौंदर्यीकरण, सड़क मरम्मत, नियमित सफाई और पानी छिड़काव व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग रखी गई। साथ ही मुख्य सड़क किनारे ट्रकों, डंपरों एवं ट्रेलरों की अव्यवस्थित पार्किंग बंद कर वैकल्पिक पार्किंग स्थल, नो-पार्किंग जोन और ट्रैफिक व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया गया, जिससे रायगढ़–घरघोड़ा मार्ग पर लगने वाले जाम की समस्या स्थायी रूप से समाप्त हो सके।
इसी क्रम में पिछले दिनों उस्मान बेग के नेतृत्व में युवाओं द्वारा रायगढ़–घरघोड़ा एवं घरघोड़ा–धरमजयगढ़ फोरलेन सड़क निर्माण की मांग को भी बैठक में प्रमुखता से दोहराया गया। प्रशासन की ओर से इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव बनाकर शासन स्तर पर भेजने की सहमति बनी, जिसे क्षेत्रीय विकास की दिशा में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
पर्यावरण और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर प्लांट से निकलने वाली धूल, फ्लाई ऐश, राख और औद्योगिक अपशिष्ट के कारण प्रभावित गांवों में बढ़ रही समस्याओं को गंभीरता से उठाया गया। संगठन की ओर से निरंतर पानी छिड़काव, डस्ट सप्रेशन, ढके हुए फ्लाई ऐश परिवहन, चिमनी उत्सर्जन रिकॉर्ड, वैज्ञानिक अपशिष्ट निपटान योजना और प्रभावित गांवों में नियमित स्वास्थ्य शिविर व मेडिकल सर्वे तत्काल प्रारंभ करने की मांग रखी गई। प्रशासन ने पर्यावरण एवं स्वास्थ्य विभाग को इस संबंध में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश देने की बात कही।
श्रमिक हितों को लेकर कार्य अवधि, ओवरटाइम भुगतान, PF, ESI, PPE, पेयजल, शौचालय, कैंटीन एवं सुरक्षा मानकों की संयुक्त जांच रिपोर्ट मांगी गई। साथ ही पिछले दिनों प्लांट में घायल हुए कर्मचारी, जिसका हाथ कटने की गंभीर घटना सामने आई थी, उसके लिए उचित मुआवजा, संपूर्ण उपचार, पुनर्वास, परिवार को आर्थिक सहायता एवं वैकल्पिक रोजगार की मांग भी मजबूती से रखी गई। इस पर प्रशासन ने श्रम विभाग के माध्यम से निष्पक्ष जांच कर पीड़ित को न्याय दिलाने का भरोसा दिया।
CSR के अंतर्गत प्रभावित गांवों में सड़क, पेयजल, शिक्षा सहायता, स्वास्थ्य शिविर, सामुदायिक भवन एवं कौशल प्रशिक्षण केंद्र प्रारंभ करने की मांग भी बैठक में प्रमुखता से रखी गई, जिस पर प्रशासन ने विभागवार कार्ययोजना बनाकर समयबद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिया।
उस्मान बेग ने कहा, “यह केवल एक बैठक नहीं, बल्कि क्षेत्र की जनता, युवाओं, किसानों और श्रमिकों की एकजुटता की जीत है। हमारी लड़ाई आंदोलन के लिए नहीं, जनता के अधिकार, स्थानीय रोजगार, सुरक्षा और सम्मान के लिए है। प्रशासन ने हमारी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक पहल की है, जो जनदबाव की ताकत को दर्शाता है।”
आरिफ हुसैन ने कहा, “आज की त्रिपक्षीय बैठक ने साबित कर दिया कि संगठित जनशक्ति के सामने प्रशासन और विभागों को जनता के मुद्दों पर निर्णय लेना पड़ता है। हम समयसीमा के भीतर हर मांग की समीक्षा करेंगे और जरूरत पड़ने पर आगे और बड़ा आंदोलन करेंगे।”
प्रशासन की ओर से बैठक को सार्थक बताते हुए कहा गया कि जनप्रतिनिधियों और ग्रामवासियों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दे पूरी तरह जनहित से जुड़े हैं। संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर बिंदुवार कार्ययोजना तैयार करने, जहां संभव हो तत्काल कार्य प्रारंभ करने तथा शेष मांगों पर निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि संवाद और समन्वय के माध्यम से समस्याओं का समाधान ही सर्वोत्तम रास्ता है।
जिला युवा कांग्रेस और एनएसयूआई ने स्पष्ट किया कि यह केवल शुरुआत है। तराईमाल की इस जीत के बाद क्षेत्र के अन्य उद्योगों, खदानों और प्लांटों में स्थानीय रोजगार, प्रदूषण, श्रमिक शोषण, सड़क जाम, CSR और जनसुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर भी इसी प्रकार संघर्ष चलाया जाएगा।
दोनों संगठन ने दोहराया कि जो उद्योग जनता, स्थानीय युवाओं और श्रमिकों के हितों की अनदेखी करेंगे, उनके खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन, घेराव और जनसंघर्ष की अगली श्रृंखला शुरू की जाएगी। तराईमाल से इसकी शुरुआत हो चुकी है, अब जिले के हर उस उद्योग तक यह लड़ाई पहुंचेगी जहां जनता के अधिकारों, रोजगार और पर्यावरण के साथ समझौता किया जा रहा है। आने वाले समय में जिले के कई उद्योग इस जनआवाज की गूंज सुनेंगे। यह जनआवाज अब रुकने वाली नहीं है।
बैठक में रायगढ़, घरघोड़ा, तुमिड़िही, तराइमाल, गेरवानी समेत प्रभावित क्षेत्रों के युवा उपस्थित रहे
