रायगढ़ के एक ट्रांसपोर्टर तथा उसके बेटे के खिलाफ रायपुर तथा अंबिकापुर के पांच कारोबारियों ने खमतराई थाना में दो करोड़ एक लाख 36 हजार रुपए ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। कारोबारियों ने पुलिस को बताया है कि जालसाज ट्रांसपोर्टर अपने आपको शूगर ट्रेडर्स यूनियन का सचिव बताकर उन लोगों को अपने झांसे में लेकर ठगी का शिकार बनाया है। जालसाज ने कारोबारियों के साथ अप्रैल-मई के बीच ठगी की है।
श्रीनगर रोड स्थित मेसर्स सिंघल प्रोविजन स्टोर के संचालक राजेश अग्रवाल ने रायगढ़ स्थित महावीर ट्रांसपोर्ट के प्रोप्राइटर राजेश कुमार अग्रवाल तथा उसके बेटे शैलेष कुमार अग्रवाल के खिलाफ ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। राजेश ने पुलिस को बताया है कि ट्रांसपोर्ट कारोबारी तथा उसके बेटे ने नियोजित योजना के तहत अपनी वास्तविक आर्थिक स्थिति एवं भुगतान क्षमता छिपाकर, झूठी व्यापारिक एवं सामाजिक साख प्रदर्शित कर, भुगतान का झूठा आश्वासन देकर कारोबारियों के साथ ठगी की है। ट्रांसपोर्टर बाप-बेटे के खिलाफ नितेश जैन,रूपक अग्रवाल,धीरज धुप्पड,ममता जैन,मदल लाल अग्रवाल,अमित छाबडिया,प्रकाश अग्रवाल ने भी ठगी की शिकायत दर्ज कराई है।
कारोबारियों को झांसा में लेने के लिए ट्रांसपोर्टर राजेश अग्रवाल अपने आपको चंडीराम कोल्ड स्टोरेज का मालिक बताता था। साथ ही अपने आपको बड़े स्तर का शक्कर व्यापारी तथा आर्थिक रूप से संपन्न व्यक्ति बताता था। इसके अतिरिक्त आरोपी द्वारा छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्यप्रदेश शुगर व्यापारी यूनियन एवं शुगर ट्रेडर्स का सचिव बताता था।
जालसाज ट्रांसपोर्टर ने कारोबारियों को झांसे में लेने के लिए ओड़िशा, मध्यप्रदेश तथा छत्तीसगढ़ थोक शक्कर कारोबारियों के नाम से एक वाट्सएप ग्रुप बनाया था। उक्त वाट्सएप ग्रुप एवं अन्य माध्यमों से ट्रांसपोर्टर अपनी व्यावसायिक क्षमता, सामाजिक प्रतिष्ठा एवं आर्थिक सामर्थ्य का प्रचार-प्रसार कर व्यापारियों के मध्य अपनी विश्वसनीयता स्थापित करने का काम किया।
कारोबारियों ने पुलिस को बताया है कि झांसा में लेने के लिए रायगढ़ का ट्रांसपोर्टर उनके साथ होटल में मीटिंग कर शक्कर खरीदने आर्डर लेता था। साथ ही तीन से चार दिन में भुगतान करने के तत्काल में टोकन मनी देकर शक्कर खरीदने का आर्डर देता था। जिन कारोबारियों ने जालसाज ट्रांसपोर्टर और उसके बेटे के साथ कारोबारी एग्रीमेंट कर शक्कर का आपूर्ति की। कारोबारी उन लोगों को पैसा देने की बजाय उनका मोबाइल ब्लाक कर अपने द्वारा बनाए गए वाट्सएप ग्रुप से रिमूव कर दिया। अपने साथ ठगी का एहसास होने के बाद कारोबारियों ने ट्रांसपोर्टर बाप-बेटे के खिलाफ थाने में ठगी की शिकायत दर्ज कराने पहुंचे।
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