Breaking News: मालगाड़ी की चपेट में आया हाथी, पिछला पैर टूटने की आशंका, वन विभाग की टीम पहुंची मौके पर

by Kakajee News

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक जंगली हाथी मालगाड़ी की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा घरघोड़ा वन परिक्षेत्र के चारमार गांव के समीप हुआ, जहां घायल हाथी के एक पैर में गहरी चोट आई है और उसके शरीर से रक्तस्राव होने की सूचना है। घटना के बाद वन विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के तुरंत बाद हाथी के साथ मौजूद पांच अन्य हाथियों का दल भी मौके के आसपास डटा रहा। झुंड लगातार क्षेत्र में घूमता रहा, जिससे आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल की ओर पहुंचने लगे, जिसके बाद प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की।
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों की टीम मौके पर रवाना हुई। विभाग द्वारा घायल हाथी की निगरानी, उपचार और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों की मदद से हाथी की स्थिति का आकलन किया जा रहा है ताकि उसे जल्द से जल्द आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
वन अधिकारियों ने कहा कि घायल जंगली हाथी और उसके साथ मौजूद झुंड का व्यवहार किसी भी समय आक्रामक हो सकता है। ऐसे में स्थानीय लोगों को घटनास्थल के आसपास अनावश्यक भीड़ न लगाने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
गौरतलब है कि देश के विभिन्न हिस्सों में रेल मार्गों से गुजरने वाले वन्यजीवों, विशेषकर हाथियों, के साथ होने वाली दुर्घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। विशेषज्ञ लंबे समय से संवेदनशील वन क्षेत्रों में ट्रेनों की गति नियंत्रित करने और वन्यजीव सुरक्षा उपायों को और प्रभावी बनाने की मांग करते रहे हैं।
फिलहाल वन विभाग की टीम मौके पर तैनात है और घायल हाथी की हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति को नियंत्रित करने और हाथियों तथा स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

कथनी और करनी में अंतर
लेकिन ये सिर्फ बयान ओर फाइव स्टार होटल में बैठकर हाथियों को बचाने वाला एक कड़वा सच है। जिले के रायगढ़ और धर्मजयगढ़ वन मंडल में हाथियों की बढ़ती संख्या के साथ साथ उनके शावकों का झुंड के साथ विचरण करने के दौरान होने वाली मौतों पर पर्दा डालने वाले अधिकारी जानते हैं कि लगातार कटते जंगलों के अलावा पीने के पानी की कमी, जंगल में चारे की कमी से हाथियों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। इसके उपायों को छोड़कर फाइव स्टार होटल में बैठकर हाथियों के शावकों की मौत पर बीमारी का कारण बताकर पल्ला झाड़ लेने वाले जानकार इस घटना पर भी यही कहेंगे की हाथी जंगल से निकल कर रेल लाइन की तरफ घुसा और लापरवाही से चपेट में आ गया।

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