रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में एनडीपीएस मामलों में एंड-टू-एंड कार्रवाई के तहत संचालित “ऑपरेशन क्लीन हंट” में थाना साइबर एवं थाना लैलूंगा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लगभग 300 किलोग्राम गांजा तस्करी के बहुचर्चित प्रकरण के मुख्य मास्टरमाइंड शुभम यादव को संयुक्त पुलिस टीम ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
गौरतलब है कि 05 जून को रायगढ़ पुलिस ने “ऑपरेशन आघात” के तहत उड़ीसा से मध्यप्रदेश ले जाई जा रही करीब 300 किलोग्राम गांजा की बड़ी खेप जब्त कर तीन अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया था। कार्रवाई में लगभग ₹1.50 करोड़ मूल्य का गांजा, परिवहन में प्रयुक्त इनोवा क्रिस्टा एवं मारुति सुजुकी XL-6, पांच मोबाइल फोन सहित कुल ₹1.86 करोड़ मूल्य की संपत्ति जब्त की गई थी। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों निखिल कश्यप, रिंकु कश्यप एवं धर्मेन्द्र कुमार मौर्य ने पूरे नेटवर्क का संचालन शुभम यादव के साथ मिलकर करने की जानकारी दी थी।
इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर साइबर थाना एवं लैलूंगा पुलिस द्वारा आरोपी शुभम यादव की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाया गया। गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन का तकनीकी विश्लेषण किया गया तथा मुखबिर तंत्र सक्रिय कर आरोपी की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी गई।
08 जुलाई को सूचना मिली कि आरोपी KIA कार से रायगढ़ क्षेत्र में देखा गया है। सूचना मिलते ही थाना साइबर की टीम ने संदिग्ध वाहन की तलाश शुरू की। पुलिस की गतिविधि भांपकर आरोपी तेज रफ्तार से वाहन लेकर भागने लगा। तत्काल सरहदी थानों को अलर्ट कर नाकेबंदी कराई गई। इसके बाद थाना साइबर एवं थाना लैलूंगा की संयुक्त टीम ने लैलूंगा मुख्य मार्ग स्थित कुंजारा के पास घेराबंदी कर आरोपी को धर दबोचा।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान *शुभम यादव, पिता लखनलाल यादव, उम्र 29 वर्ष, निवासी विवेकनगर कॉलोनी, थाना चचाई, जिला अनूपपुर (मध्यप्रदेश)* के रूप में हुई। आरोपी के कब्जे से KIA कार क्रमांक CG-10 BE-5998 (कीमत लगभग ₹10 लाख), एक मोबाइल फोन, घड़ी, ₹3,000 नगद, वाहन की आरसी, चाबी एवं तीन एटीएम कार्ड सहित *कुल ₹10.17 लाख मूल्य की संपत्ति जब्त* की गई।
पूछताछ में आरोपी से गांजा तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है। आरोपी को थाना लैलूंगा के अपराध क्रमांक 184/2026 में धारा 20(बी), 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
रायगढ़ पुलिस द्वारा एनडीपीएस मामलों में केवल वाहक या परिवहनकर्ताओं पर ही नहीं, बल्कि पूरे तस्करी नेटवर्क, वित्तीय लाभार्थियों एवं मास्टरमाइंड तक पहुंचकर कार्रवाई की जा रही है। “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत फरार आरोपियों की गिरफ्तारी एवं अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क के विरुद्ध यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
