रायगढ़। जिंदल पॉवर द्वारा प्लांट व माइंस एरिया के अंतर्गत आने वाले गांव के किसानों को कृषि के दूसरे विधियों से आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है साथ ही उन्हें नई तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। किसानों को धान और मूंगफली के बीजों के अलावा अरहर, मिलेट व करेला के बीजों का भी वितरण किया गया।
जिंदल पॉवर तमनार द्वारा अपनी सीएसआर गतिविधियों से क्षेत्र के किसानों के आर्थिक उत्थान के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। जिंदल फाउंडेशन द्वारा किसानों को धान की फसल नई विधि से लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। शुक्रवार को प्लांट एरिया के किसानों को बीज वितरण करने के लिए कार्यक्रम का आयेाजन किया गया। क्षेत्र के करीब 40 गांवों से आए किसानों को संबोधित करते हुए सीएसआर की मैनेजर शीतल पटेल ने पहले तो किसानों द्वारा किए जा रहे खेती की विधि की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि किसान कम जगह में भी अधिक उत्पादन का लाभ ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि कृशि के लिए मशीनें जिंदल फाउंडेशन द्वारा उपलब्ध कराई जा सकती है।
पैरा को खेतों में न जलाएं
मैनेजर शीतल पटेल ने कहा कि धान के पैरा को खेतों में जलाएं क्योकि इससे खेतों की उर्वरा शक्ति खत्म हो जाती है, जिसके कारण उत्पादन कम होता है। इससे बचने के लिए खाद बनाएं, इससे उर्वरा क्षमता बढ़ेगी। उन्होंने किसानों से कहा कि वे यदि पैरा नहीं उठा पाते हैं तो उसकी जानकारी भी जिंदल फाउंडेशन द्वारा तय किए गए एफपीओ को जानकारी दें, वे पूरा पैरा उठा लेंगे।
मूंगफली लगाने की मशीन उपलब्ध
सीएसआर के सुरेश डनसेना ने किसानों को बताया कि जिंदल फाउंडेशन द्वारा किसानों को सहुलियत देने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिंदल फाउंडेशन के पास मूंगफली बोने की मशीन है, किसान चाहें तो इसका उपयोग कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि जल्दी ही मूंगफली छिलने की भी मशीन मंगाई जा रही है, इससे किसानों को फायदा होगा। मिलेट और श्री विधि से धान की फसल लगाने के लिए भी किसानों को प्रेरित किया गया।
माइंस एरिया के किसानों को भी बांटे बीज
जिंदल फाउंडेशन द्वारा गुरूवार को गारे पेलमा माइंस क्षेत्र के किसानों को भी श्रीविधि से धान की फसल लगाने के लिए प्रेरित किया गया।
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