इस्कॉन प्रचार केंद्र रायगढ़ ने निकाली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, हरिनाम संकीर्तन से भक्तिमय हुआ रायगढ़, 10 अवतार में होगा भगवान का श्रृंगार

by Kakajee News

 

रायगढ़। इस्कॉन प्रचार केंद्र, रायगढ़ के तत्वावधान में गुरुवार को भगवान श्रीजगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं देवी सुभद्रा की भव्य रथयात्रा पूरे धार्मिक विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ निकाली गई। रथयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान के दर्शन किए और रथ की रस्सी खींचकर स्वयं को धन्य माना। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला।
रथयात्रा के शुभारंभ से पूर्व भगवान श्रीजगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा का विशेष पूजन-अर्चन किया गया। इसके बाद पारंपरिक छेरा पहरा की रस्म संपन्न हुई। इस परंपरा के माध्यम से यह संदेश दिया जाता है कि भगवान के समक्ष सभी समान हैं और सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। पूजा-अर्चना के उपरांत भगवान को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया।

रथयात्रा माली डीपा से प्रारंभ होकर शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए राजा पारा स्थित इस्कॉन प्रचार केंद्र पहुंची, जिसे इस अवसर पर भगवान का मौसी घर माना जाता है। पूरे मार्ग में श्रद्धालु हरे कृष्ण महामंत्र का संकीर्तन करते हुए नृत्य-गान में मग्न रहे। “हरे कृष्ण, हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण, हरे हरे, हरे राम, हरे राम, राम राम, हरे हरे” के अखंड संकीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भगवान की आरती उतारी, पुष्प वर्षा की और प्रसाद वितरण भी किया।

वैष्णव परंपरा के अनुसार रथयात्रा के बाद भगवान श्रीजगन्नाथ अपने बड़े भाई भगवान बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा के साथ कुछ दिनों के लिए मौसी घर में विश्राम करते हैं। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए भगवान अगले कुछ दिनों तक राजा पारा स्थित इस्कॉन प्रचार केंद्र में विराजमान रहेंगे।
इस्कॉन प्रचार केंद्र रायगढ़ के प्रभारी मिथिलापति दास ने बताया कि आगामी 10 दिनों तक प्रतिदिन भगवान का दशावतार के एक-एक स्वरूप में विशेष श्रृंगार किया जाएगा। प्रत्येक दिन श्रद्धालुओं के लिए विशेष दर्शन, मंगल आरती, संध्या आरती, हरिनाम संकीर्तन, श्रीमद्भागवत कथा, भजन-कीर्तन एवं महाप्रसाद वितरण का आयोजन रहेगा।अधिक से अधिक श्रद्धालु इन धार्मिक आयोजनों में शामिल होकर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करें।

रायगढ़ में इस्कॉन प्रचार केंद्र द्वारा आयोजित यह तीसरी रथयात्रा रही। हर वर्ष श्रद्धालुओं की बढ़ती भागीदारी इस आयोजन को और अधिक भव्य स्वरूप प्रदान कर रही है। आयोजन में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आए महिला, पुरुष, युवा एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासित व्यवस्था, भक्ति भाव और सामूहिक संकीर्तन ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद का अनुभव कराया।

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