लखनऊ- कोरोना महामारी काफी तेजी से अपने पैर पसार रहा है. विश्व के कई देश बुरी तरह इस महामारी के चपेट की चपेट में आ चुके हैं. इस दौरान थोड़ी सी भी लापरवाही आपकी जान ले सकता है. डॉक्टरों के मुताबिक, कई लोग अपनी बीमारी को छिपा ले रहे हैं और डॉक्टरों को नहीं बता रहे. नतीजतन, इससे उनकी स्थिति 2-3 दिन बाद ही ज्यादा गंभीर हो जा रही है. यहां तक की तबीयत बिगड़ने पर इन्हें ऑक्सीजन और वेंटिलेटर तक की जरूरत पड़ रही है.
बताते चलें कि इस बात को खुलासा कोविड कंट्रोल रूम में मरीजों के घर वालों द्वारा फोन कर मांगी जा रही मदद से हुआ है. मरीजों की लापरवाही ने डॉक्टरों को टेंशन में डाल दिया है. डॉक्टरों का साफ कहना है कि चाहे कोई भी बीमारी हो , बिल्कुल न छिपाएं. क्योंकि, इससे समय पर सही इलाज नहीं मिल पाता और मरीज की जान पर बन आती है.
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सीएमओ डॉ. संजय भटनागर बताते हैं कि स्वास्थ्य विभाग की टीम कोरोना से संक्रमित मरीजों को फोन कर सेहत का हाल लेती है. इस दौरान टीम पुरानी बीमारियों के बारे में जानकारी पूछती है. लेकिन, बावजूद इसके मरीज पुरानी बीमारी छिपाकर होम आइसोलेशन के विकल्प का चुनाव करते हैं. डॉ. संजय भटनागर आगे बताते हैं कि ऐसा करना किसी भी लिहाज से ठीक नहीं है. तबीयत बिगड़ने पर इन्हें प्राथमिकता के आधार पर भर्ती कराया जाता है.
