रायगढ़। अगर कहीं कुछ ऐसा घटनाक्रम घटित हो जिसमें कार्रवाई की मांग लेकर पूरा गांव और क्षेत्र के जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के थाना प्रभारी के पास अपनी गुहार लेकर पहुंचे और वहां भी उन्हें निराशा हाथ लगे ऐसे में उस क्षेत्र के ग्रामीणों के पास पुलिस कप्तान ही एक आखरी विकल्प बचते हैं, ऐसा ही एक मामला इन दिनों पुसौर ब्लाक में देखने को मिल रहा। जहां वहां के दबंगो के द्वारा शासकीय कार्य मे बाधा पहुंचाते हुए तोड़फोड़ की घटना को बेखौफ अंजाम दिया गया, उस क्षेत्र के लोगों के द्वारा मामले की शिकायत थाना प्रभारी से करते हुए कार्रवाई की मांग की गई, परंतु एक माह बीत जाने के बाद भी थाना प्रभारी के द्वारा इस मामले में किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं कि गई जो कि अपराधियों के साथ साठगांठ की ओर इशारा करता है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार रायगढ़ जिले के पुसौर ब्लाक के अंतर्गत आने वाले ग्राम कोतासूरा में पिछले महीने गांव के कुछ दबंगो लोमश पटेल और पद्मलोचन साव के द्वारा शासकीय कार्य मे बाधा पहुंचाते हुए गांव के बोर पंप में तोड़फोड़ के अलावा शासन की महत्वकांक्षी योजना गोठान में भी जमकर तबाही मचाया गया था।
गांव के सरपंच, सचिव के अलावा गांव के ग्रामीणों के द्वारा इस मामले की नामजद लिखित शिकायत पुसौर थाना प्रभारी से करते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की गई थी। मगर इस मामले का मजेदार पहलू यह है कि पुलिस में मामले की शिकायत होने के बाद इस मामले में कार्रवाई होना दूर की बात है, पुसौर थाना से उन्हें एफआईआर की कॉपी तक नही मिल पाया है। आलम यह है कि कार्रवाई के अभाव में गांव में आपराधिक घटनाओं में संलिप्त लोग बेखौफ घूम रहे है ।
यूं तो शासकीय कार्य मे बाधा पहुंचाना या फिर शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाना जघन्य अपराध की श्रेणी में आता है और इस तरह के मामले सामने आने के बाद गांव के ग्रामीणों के द्वारा जब मामले की शिकायत अपने क्षेत्र के थाना प्रभारी से करते हुए कार्रवाई की मांग की जाए और वहां भी उन्हें निराशा हाथ लगे तो फिर पुलिस की कार्रवाई में उंगली उठना लाज़मी है।
पुसौर ब्लाक के अंतर्गत आने वाले ग्राम कोतासूरा के ग्रामीणों का कहना था कि उनके द्वारा मामले की लिखित शिकायत थाना प्रभारी पुसौर से करते हुए कार्रवाई की मांग की गई थी। परंतु एक महीने का लंबा वक्त बीत जाने के बावजूद न तो उन्हें एफआईआर की कॉपी दी गई और न ही अपराधियों को तलब किया गया ऐसे में अब उनके पास पुलिस कप्तान के पास गुहार लगाते हुए इस मामले में कार्रवाई की मांग करने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं बचा है।
थाना प्रभारी नहीं उठाते फोन
इस संबंध में जब हमने मामले की जानकारी जानने और पुसौर थाना प्रभारी का वर्सन लेने उन्हें उनके शासकीय नम्बर 9479193225 में कॉल किया गया तो हमेशा की तरह उन्होंने जवाब देना मुनासिब नहीं समझा
