एक बार फिर धान खरीदी के रिकार्ड पर राजनीति हो गई तेज भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने कहा………..पढ़िये पूरी खबर

by Kakajee News

रायपुर। प्रदेश की राजनीति में धान का अपना अलग ही महत्व है, चाहे वह देश के लिए चावल की आपूर्ति की बात हो या फिर प्रदेश के किसानों के उत्थान की बात। धान ना सिर्फ आर्थिक रूप से मजबूत बनने का आधार है, बल्कि राजनीतिक ताकत का भी केंद्र बिंदु है । इस बीच राज्य सरकार ने इस साल राज्य में किसानों से समर्थन मूल्य पर 100 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी कर अपने पिछले साल के रिकार्ड को ब्रेक करते हुए एक नया रिकार्ड कायम किया है। राज्य में बीते साल 98 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी । जिस पर भाजपा किसानों की हितैषी है नरेन्द्र मोदी की सरकार को बताते हुए सवाल उठाया है । और कहा खरीदी का 90 फीसदी भुगतान केन्द्र सरकार करती है। राज्य सरकार केवल 10 पैसे देती है। जवाब में कांग्रेस का कहना है कॉंग्रेसकाल मे किसानों का रुझान खेती की ओर बढ़ा है ।

धान का कटोरा कहे जाने वाले ,प्रदेश में ऐसा कोई वर्ष नहीं जब धान को लेकर राजनीति न हो। एक बार फिर खरीदी के रिकार्ड पर राजनीति तेज हो गई है । भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने कहा कि धान खरीदी के लिए भुगतान केन्द्र सरकार ने किया है। कांग्रेस मोदी सरकार को धन्यवाद दे। क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किसान हितैषी नीति के कारण छत्तीसगढ़ के किसानों की धान का सारा चावल केंद्र सरकार खरीद रही है और सम्पूर्ण व्यय का भुगतान कर रही है। कांग्रेस धान खरीदी का जितना चाहे, जश्न मनाए लेकिन केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त करने की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हर किसान को मालूम है कि केंद्र सरकार ही किसानों को उनका हक दे रही है। राज्य सरकार धान की खरीदी एक एजेंसी के रूप में कर रही है। 92 लाख मीट्रिक टन धान से बना हुआ चावल केंद्र सरकार खरीदेगी। जिसमें समर्थन मूल्य, ट्रांसपोर्टेशन, बारदाना, कमीशन सूखत यह सब मिलाकर लगभग 22 हजार करोड़ रुपए का भुगतान केंद्र सरकार करेगी।

इस साल राज्य में एक नवंबर 2022 से शुरू हुआ धान खरीदी का महाअभियान अभी भी जारी है। अनुमान जताया जा रहा है कि इस साल 110 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा सकती है। 2023 तक 98.92 लाख टन धान की खरीदी हो गई है । राज्य के गठन के बाद पहली बार इतनी खरीदी हुई है । धान खरीदी को लेकर सरकार जश्न मना रही है ।

रिकोर्ड तोड़ धान की खरीदी पर सीएम ने कहा खेती से विमुख लोग अब फिर खेती की तरफ लौटे है । हर साल धान खरीदी का दायरा बढ़ा है ।लगातार रिकार्ड टूट रहा है । वही भाजपा अध्यक्ष अरुण साव के बयान पर पलटवार किया है । । सांसद अरुण साव पहले जीएस्टी और सेंट्रल एक्साइज का पैसा दिलवा दे । हमने तो लॉकडाउन के समय भी प्रचुर मात्रा में ऊर्जा उपलब्ध कराई । पर जो हमे मिलता है वह कम है । जोसभी को मिलता है हमे भी मिलता है ।

गौरतलब है कि 2013 में भाजपा ने विधानसभा चुनाव के ठीक पहले धान का 300 रुपये बोनस देने का वादा किया और नहीं देने से किसानों में नाराजगी रही और भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा। इसी तरह पिछली बार हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अपने जन घोषणा पत्र में किसानों को 2500 रुपये समर्थन मूल्य देने का वादा किया। इसका लाभ 2018 के चुनाव में कांग्रेस को मिला। कांग्रेस की एकतरफा जीत इसका सटीक प्रमाण है।

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