मध्यप्रदेश के सीहोर में हैंडपंप पर पानी भरने को लेकर हुए विवाद के बाद एक महिला को जलाकर मारने के मामले में द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश कंचन सक्सेना आष्टा ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी तीतला बाई उर्फ उर्मिला पत्नी भूपेंद्र (30) और रवि पिता मेहरबान सिंह (24) को धारा 302 भादंवि में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों आरोपियों पर पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। दोनों आरोपी देवली थाना सिद्दीकगंज जिला सीहोर के रहने वाले हैं।
अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी देवेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि 18 मार्च 2021 को ग्राम देवली में हैंडपंप पर मृतका और आरोपी रवि के बीच में पानी भरने को लेकर हुए विवाद में गाली-गलौज हो गई। इसी बात को लेकर रवि ने मृतका को थप्पड मार दिया। उसी समय रवि की बहन तीतला बाई मौके पर आकर मृतका के साथ गाल-गलौज कर बोली कि तूने मेरे भाई के साथ झगड़ा किया है। अभी तुझे बताती हूं। इसके बाद मृतका अपने घर की ओर जाने लगी। तभी रवि अपनी बहन तीतला बाई को बोला कि दीदी इसे घर पर जाकर मारकर ही आना। तब तीतला बाई मृतका के पीछे-पीछे उसके घर पहुंची।
उन्होंने बताया कि घर के अंदर कमरे में तीतला बाई ने मृतका के साथ झूमा झटकी की। फिर तीतला बाई ने वहीं कमरे में एक बर्तन में रखे केरोसिन तेल को मृतका के शरीर पर उड़ेल कर माचिस से आग लगा दी। इससे मृतका के शरीर में आग लग गई। चीख-पुकार की आवाज सुनकर घर के बाहर काम कर रही मृतका की मां (फरियादी) घर के अंदर पहुंची। उसे देखकर तीतला बाई वहां से भाग गई। कुछ देर बाद तीतला का भाई आरोपी रवि आया और मृतका को आग से जला हुआ देखकर वापस भाग गया।
उन्होंने बताया कि इसके बाद मृतका को परिजन इलाज के लिए अस्पताल ले गए। इलाज के दौरान मृतका की 21 मार्च 2021 को हमीदिया अस्पताल भोपाल में मौत हो गई। पुलिस थाना सिद्दीकगंज ने आरोपियों के खिलाफ धारा 302, 120बी के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पूरी जांच के बाद अभियोजन पत्र न्यायालय में एसटी क्र 95/21 पर पंजीबद्ध किया गया।
शासन की ओर से पैरवी अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी देवेंद्र सिंह ठाकुर ने की। पैरवी में सहयोग सहायक जिला अभियोजन अधिकारी आष्टा आशीष त्रिपाठी और महेंद्र सितोले ने किया।
