रायगढ़। विश्व विख्यात आध्यात्मिक प्रवक्ता जया किशोरी के मुखारबिंद से श्रीमद्भागवत कथा रायगढ़ जिले के केलो बनांचल आदिवासी बाहुल्य तहसील तमनार के ग्राम बजरमुड़ा में 2 मई को भव्य कलश यात्रा में हजारो माता बहनो बच्चे मंदिर तालाब से जल भर कर कथा स्थल पहुंचे, जिसके पश्चात पुजन अर्चन कर कलश स्थापना किया गया।
प्रथम दिवस साय 4 बजे से पूजा अर्चना आरती के बाद आध्यात्मिक प्रवक्ता जया किशोरी जी के मुखारविन्द से भागवत महात्म की कथा सुनाई गई दूसरे दिन बुधवार को भगवान शिव पार्वती विवाह की कथा सुनाई गई जया किशोरी ने कथा के दौरान कहाकि भगवान श्री राम मर्यादा में रहना सिखाते है और भगवान श्री कृष्णा जी मर्यादा में कैसे रहते है सिखाते है। उन्होंने जीवन मे 3 चीज श्रवण,चिंतन,मनन को आत्मसात कर सतमार्ग में चलकर भवसागर के रास्ते बताये। उन्होंने बताया कि भगवान के 24 अवतार में श्री राम,श्री कृष्ण अवतार एवं अन्य भगवान के अंश अवतार है लेकिन कथा के दौरान 22 का ही वर्णन किया जाता है हंसा व हयग्रीव अवतार का विस्तार से कथा नही है जिसके बाद 22 अवतारों का वर्णन किया गया साथ ही भगवान वराह अवतार की झांकी भी निकाली गई, जिसके बाद शिव विवाह की कथा और भगवान शिव पार्वती की विवाह की झांकी निकाली गई आरती के बाद द्वितीय दिवस की कथा विराम कर प्रसाद वितरण की गई।4 मई को प्रहलाद चरित्र और नरसिह अवतार की कथा सुनाई जाएगी । 5 मई को कृष्ण जन्म, 6 मई को कृष्ण बाल लीला, 7 मई को रूकमणी विवाह, कंश वध वहीं 8 मई को सुदामा चरित्र एं भागवत कथा विराम होगा।
8 मई को भव्य भण्डारा होगा। हजारो श्रद्धालु भक्त वृंद पुण्य रूपी भागवत कथा के विशाल समुद्र में आनंद और भाव की डुबकी लगा रहे हैं।आधुनिक संगीत के धुनों में माता बहने युवा वरिष्ठजनो द्वारा नाचते गाते भाव विभोर हो रहे हैं।
कथा श्रवण करने ग्रामीणो के साथ तमनार घरघोड़ा,लैलूंगा रायगढ़ जिले सहित छत्तीसगढ़ ओडिसा झारखण्ड दुर दराज से हजारों की संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण करने पहुंच रहे हैं। आयोजन समिति द्वारा अधिक से अधिक संख्या भक्तजनो को शामिल होकर पुण्य की भागीदार बनने आव्हान की गई है।
