रायपुर। छत्तीसगढ़ फिल्म एवं विजुअल आर्ट सोसाइटी द्वारा पांच दिवसीय मुक्तिबोध राष्ट्रीय नाट्य समारोह का आयोजन 12 नवंबर से किया जा रहा है। राजधानी के गांधी चौक स्थित रंग मंदिर में आयोजित इस पांच दिवसीय आयोजन में मुंबई, भोपाल और जबलपुर के कई दिग्गज कलाकारों की टीम अपनी प्रस्तुति देंगी। इस अवसर पर पेटिंग और पोस्टर प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जा रहा है। जहां लोगों को ओपन माइक पर अपना टैलेंट दिखाने का मौका मिलेगा। यह आयोजन सुप्रसिद्ध रंगकर्मी स्व. अरुण पांडे को समर्पित है।
छत्तीसगढ़ फिल्म एंड विजुअल आर्ट सोसाइटी के इस आयोजन के बारे में आयोजन समिति के प्रमुख सुभाष मिश्रा ने बताया कि बुधवार, 12 नवंबर को उषा प्रियवंदा की कहानी वापसी का मंचन होगा। जिसे रचना मिश्रा ने निर्देशित किया है। जिसके उपरांत मुंबई के प्रसिद्ध काहनीकार दिनेश ठाकुर की कहानी आपस की बात का मंचन होगा। जिसे उनकी पत्नी प्रिया माथुर ठाकुर ने निर्देशित किया है। इसी तरह 13 नवंबर को गजानन माधव मुक्तिबोध की जयंती पर आधारित मुक्तिबोध कविताओं की प्रस्तुति डा. सुयोग पाठक, रचना मिश्रा और साथियों द्वारा दी जाएगी । जिसके बाद रामधारी सिंह दिनकर की कालजयी कृति पर आधारित रश्मिरथी, हरीश हरिऔध द्वारा एकल नाट्य प्रस्तुति दी जाएगी।
सुभाष मिश्रा ने आगे बताया कि लेखक हरिशंकर परसाई के हम बिहार से चुनाव लड़ रहे है का मंचन रंगकर्मी विजय कुमार द्वारा किया जाएगा। पूर्व निदेशक NSD स्व. बीएम शाह द्वारा द्वारा तैयार किया गया नाच कंजूस का मंचन सिनेमा टीवी और रंगमंच के चर्चित अभिनेता विजय कुमार और उनकी टीम प्रस्तुत करेगी। वहीं 15 नवंबर निठल्ले की डायरी, हरिशंकर परसाई की रचनाओं से प्रेरित होगी। जिसका निर्देशक स्व अरुण पांडेय ने किया था। यह प्रस्तुति विवेचना रंगमंडल जबलपुर द्वारा होगी। स्वर्गीय अरुण पांडे को समर्पित किस्सा बड़केदा का मंचन , विवेचना रंग मंडल द्वारा किया जाएगा। इसके निर्देशक विवेक पांडेय हैं। अंतिम दिन 16 नवंबर को सौरभ अनंत के निर्देशन में रंग संगीत, गांधी गाथा की प्रस्तुति विहान ड्रामा वर्क्स भोपाल द्वारा होगी।
