रसोई गैस (एलपीजी) के दाम बढ़ने से जम्मू-कश्मीर में होटल, ढाबा, रेस्तरां कारोबारियों और आम उपभोक्ताओं पर असर पड़ा है। नई दरों के अनुसार घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये और व्यवसायिक सिलेंडर के दाम में लगभग 115-120 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिससे महंगाई की मार न केवल खाद्य उद्योग बल्कि घरों की रसोई तक भी पहुंची है।
जम्मू होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहा कि सरकार को इतनी जल्दी सिलेंडर के दाम बढ़ाने का फैसला नहीं लेना चाहिए था। उनका कहना है कि इससे खाद्य उद्योग में हाहाकार मच सकता है और कारोबारियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। रेस्तरां मालिक अरुण ने बताया कि बढ़े हुए दाम प्रॉफिट मार्जिन पर असर डालेंगे, क्योंकि रोजाना खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ाना मुश्किल है और इससे ग्राहकों की संख्या प्रभावित होती है।
गृहिणियों ने भी सिलेंडर की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताई। इंदु शर्मा ने कहा कि घरेलू सिलेंडर के दाम बढ़ने से परिवार का बजट बिगड़ जाता है। उर्वशी ने बताया कि मार्च-अप्रैल के महीने में अन्य खर्चों के साथ यह बढ़ोतरी घर की आर्थिक स्थिति पर और दबाव डालती है।
इस बीच, मिशन स्टेट हुड के अध्यक्ष सुनील डिंपल ने जानीपुर हाईकोर्ट रोड पर रैली निकालकर रसोई गैस के दामों में वृद्धि के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने मांग की कि सरकार बढ़े हुए दाम वापस ले और एलपीजी को जीएसटी के दायरे में लाए। इस मौके पर कई गणमान्य लोग और संगठन के सदस्य मौजूद थे।
रैली में सुनील डिंपल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हालात जैसे ईरान, अमेरिका और इस्राइल के बीच युद्ध का असर देश में दिखाई देने लगा है और इससे आम जनता और कारोबारियों को तुरंत राहत मिलनी चाहिए।
