लैलूंगा। शिक्षा का मंदिर तब सवालों के घेरे में आ जाता है, जब गुरु और शिष्य के पवित्र रिश्ते की मर्यादा टूटने लगे। रायगढ़ जिले के लैलूंगा स्थित शासकीय महाविद्यालय में पदस्थ एक प्रोफेसर पर छात्रा ने गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रा का कहना है कि प्रोफेसर पिछले करीब डेढ़ साल से उसे अश्लील संदेश भेजकर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था।
पीड़ित छात्रा ने बताया कि लंबे समय तक वह सामाजिक भय और बदनामी के डर से चुप रही, लेकिन जब प्रताड़ना की सीमा बढ़ गई तो उसने हिम्मत जुटाई। इसके बाद अपने होने वाले पति के साथ आरोपी प्रोफेसर का सामना किया और पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को दी।
मामले की शिकायत सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह केवल एक छात्रा के सम्मान पर हमला नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की गरिमा पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों की सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
साथ ही, यदि किसी अन्य छात्रा के साथ भी इस प्रकार की कोई घटना हुई है, तो उसे बिना किसी डर या दबाव के आगे आकर अपनी बात कानून के सामने रखनी चाहिए।
