रायगढ़। जिले के तहसील कार्यालय से एक गंभीर लापरवाही और संदिग्ध दस्तावेज गायब होने का मामला सामने आया है। कोसा भवन निर्माण के लिए अधिग्रहित भूमि से जुड़ी 22 साल पुरानी भू-अर्जन प्रकरण की मूल नस्ती (फाइल) रहस्यमय तरीके से गायब हो गई है। मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, तहसीलदार रायगढ़ शिव कुमार डनसेना ने थाना चक्रधरनगर में लिखित आवेदन देकर बताया है कि ग्राम बैकुण्ठपुर की निजी भूमि अधिग्रहण से संबंधित भू-अर्जन प्रकरण क्रमांक 22/अ-82/1991-92 का मूल दस्तावेज जनवरी 2026 से लगातार खोजबीन के बावजूद नहीं मिल पाया है।
बताया गया कि यह प्रकरण लोक निर्माण विभाग लोक निर्माण विभाग के लिए कोसा भवन निर्माण से जुड़ा हुआ है, जिसका अवार्ड 8 जुलाई 2004 को विधिवत पारित किया गया था। हाल ही में न्यायालयीन और कार्यालयीन कार्यों के लिए जब मूल फाइल की आवश्यकता पड़ी, तब अभिलेखागार में दस्तावेज तलाशे गए, लेकिन पूरी नस्ती गायब मिली।
तहसील कार्यालय और अनुविभागीय अधिकारी भू-अर्जन शाखा के सभी रिकॉर्ड रूम और अन्य स्थानों पर सूक्ष्म जांच की गई, लेकिन दस्तावेज का कोई पता नहीं चल सका। इससे आशंका जताई जा रही है कि मूल प्रकरण की चोरी हुई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार ने थाना प्रभारी चक्रधरनगर को पत्र क्रमांक 1634/तह./2026, 03 जुलाई के माध्यम से FIR दर्ज करने का अनुरोध किया है। पुलिस ने आवेदन के आधार पर धारा 305(A) BNS के तहत अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि इतने महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज आखिर कैसे गायब हो गए? क्या यह महज लापरवाही है या इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश? पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा।
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