“अभियान संवेदना” के तहत 15 वर्षीय गुम बालिका सकुशल बरामद, विधि से संघर्षरत बालक निरुद्ध, शादी का झांसा देकर नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले गया था अपचारी, चौकी रैरूमाखुर्द पुलिस की त्वरित कार्रवाई

by Kakajee News

रायगढ़ । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में संचालित “अभियान संवेदना” के तहत पुलिस चौकी रैरूमाखुर्द एवं धरमजयगढ़ पुलिस ने 15 वर्षीय गुम बालिका को सकुशल दस्तयाब कर प्रकरण में संलिप्त विधि से संघर्षरत बालक को अपहरण और पॉक्सो एक्ट मे निरुद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की है। वहीं महिला थाना ने विवाह का झांसा देकर दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी महेन्द्र पासवान (31 वर्ष), पिता बलिराम पासवान, निवासी जूटमिल सामने गली, थाना जूटमिल, जिला रायगढ़ को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है।

“अभियान संवेदना” के तहत 15 वर्षीय गुम बालिका सकुशल बरामद, विधि से संघर्षरत बालक निरुद्ध-
जानकारी के अनुसार 14 जून को बालिका की मां ने पुलिस चौकी रैरूमाखुर्द में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी 15 वर्षीय नाबालिग पुत्री दिनांक 10 जून 2026 से लापता है तथा किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका है। शिकायत पर चौकी रैरूमाखुर्द में अपराध क्रमांक 165/2026 धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
विवेचना के दौरान लगातार पतासाजी के बाद दिनांक 18 जून 2026 को गुम बालिका को उसकी मां द्वारा पुलिस चौकी में प्रस्तुत किया गया, जहां गवाहों की उपस्थिति में उसकी सकुशल बरामदगी की कार्रवाई की गई। चौकी प्रभारी रैरूमाखुर्द उप निरीक्षक विजय एक्का द्वारा महिला अधिकारी से बालिका का कथन दर्ज किया गया, जिसमें उसने बताया कि विधि से संघर्षरत बालक उसे शादी करने का झांसा देकर जबरन अपने साथ उसके गांव ले गया था जहां उसकी उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाए । प्रकरण में बीएनएस की धारा 64(2)(m), 65(1) एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 4, 6 जोड़ी गई ।
प्रकरण में बालिका का माननीय न्यायालय में बयान दर्ज कराया गया तथा बाल कल्याण समिति, रायगढ़ के माध्यम से उसकी काउंसलिंग भी कराई गई।
विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने अपचारी बालक की तलाश कर उसे उसके निवास से अभिरक्षा में लिया। पूछताछ में उसके द्वारा अपराध स्वीकार करने पर नियमानुसार उसका चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर दिनांक 01 जुलाई 2026 को विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए अपचारी बालक को निरुद्ध कर सक्षम न्यायालय/बाल न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

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