सारंगढ़। साइबर अपराध और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ सारंगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन वाले बैंक खाते के मामले में अपराध दर्ज किया है। जांच में सामने आया कि एक बैंक खाते के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों से 56 साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हैं। खाते में करीब 2.71 करोड़ रुपये का लेन-देन पाया गया, जिसके बाद पुलिस ने खाता धारक के विरुद्ध मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
थाना प्रभारी ने बताया कि 4 जुलाई को पुलिस अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओपी) सारंगढ़ के माध्यम से नारी शक्ति रक्षा सम्मान निधि योजना के संबंध में प्राप्त शिकायत और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के आधार पर मामले की जांच की गई। जांच के दौरान हरियाणा स्थित माइक्रो फाइनेंस कंपनी इंड. नेटवर्क द्वारा भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को भेजी गई शिकायत सहित अन्य दस्तावेजों का परीक्षण किया गया।
जांच में साइबर पुलिस पोर्टल और गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के समन्वय पोर्टल से प्राप्त जानकारी का विश्लेषण किया गया। इस दौरान पैन कार्ड AAEAC6960E से लिंक एक्सिस बैंक के खाते क्रमांक 92502******** (आईएफएससी: UTIB0005254, गुडेली शाखा, सारंगढ़) के खिलाफ गंभीर तथ्य सामने आए।
पुलिस के अनुसार यह बैंक खाता दिनेश बंजारे (40 वर्ष), पिता स्वर्गीय जोहन लाल, निवासी ग्राम ग्वालीनडीह, थाना सारंगढ़, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के नाम पर संचालित पाया गया।
2.71 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेन-देन
जांच में पता चला कि 29 अक्टूबर 2025 से अब तक उक्त बैंक खाते में 2,71,75,719.93 रुपये (दो करोड़ 71 लाख 75 हजार 719 रुपये 93 पैसे) का लेन-देन हुआ है। पुलिस का कहना है कि इस खाते का उपयोग साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि के लेन-देन और उपयोग के लिए किया गया।
देशभर से 56 शिकायतें दर्ज
समन्वय पोर्टल के अनुसार इस बैंक खाते के खिलाफ डायल 1930 के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों से कुल 56 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज हैं। प्रारंभिक जांच में यह आशंका व्यक्त की गई है कि खाते का इस्तेमाल साइबर अपराध से अर्जित रकम को प्राप्त करने, छिपाने और खर्च करने के लिए किया गया।
भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में अपराध दर्ज
प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने खाता धारक दिनेश बंजारे के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 317(4) एवं 317(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। पुलिस अब बैंक खाते के ट्रांजेक्शन, धनराशि के स्रोत, लाभार्थियों और साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की गहन जांच कर रही है।
