रायगढ़। रायगढ़ शहर के सावित्री नगर व ट्रांसपोर्ट इलाके में आखिरकार दोनों मीना बाजार पूरी तरह सज चुके हैं और लगता है कि बीना अनुमती सामान डालने के बाद बकायदा झुला, दुकान, अन्य साजो सामान लगाने के बाद अब बिना अनुमती शुरू भी कर देंगे, चूंकि इनके संचालकों को रायगढ़ के कुछ राजनीतिक संरक्षण प्राप्त लोगों का आर्शीवाद है, साथ ही साथ मीना बाजार के आते ही कई गुंडा तत्व भी सक्रिय हो गए हैं। मजे की बात यह है कि जिस जगह मीना बाजार लग रहे हैं उसके आसपास आधा दर्जन कालोनी है और बीते एक माह से रेलवे अंडर ब्रिज बंद है इसके कारण इस मार्ग में अब सबसे ज्यादा आवागमन का दबाव है।
रायगढ़ जिला प्रशासन व रायगढ़ नगर निगम के अधिकारियों के संरक्षण में मीना बाजार बिना अनुमती न केवल लग गया बल्कि सज धजकर पूरी तरह तैयार भी हो गया है। इतना ही नही इनके संचालकों ने जमीन मालिकों से लाखों रूपये की किराये की रकम जमा करते हुए अब उस जगह पेड भी काटकर सड़क में फंेकते हुए यह जता दिया है कि प्रशासन उनकी जेब में है और वे किसी से नही डरते। इनकी मनमानियों को देखकर ऐसा लगता है कि वे अब बिना अनुमती मीना बाजार का संचालन भी जल्द से जल्द शुरू कर देंगे। जबकि रायगढ़ शहर के अधिकांश लोगों का आना-जाना सावित्री नगर व ट्रांसपोर्ट नगर की तरफ रहता है, इतना ही नही रेलवे स्टेशन के करीब स्थित सावित्री नगर में तो केवल एक ही रास्ता है, जो इस मीना बाजार के लगने के कारण पूरी तरह बंद हो जाता है और यहां के रहवासियों को आने-जाने के लिये कई परेशानियों से जुड़ा है। इतना ही नही सावित्री नगर व ट्रांसपोर्ट नगर के आसपास आधा दर्जन से भी अधिक आवासीय कालोनी है और इस तरह कालोनीवासियों के लिये ये मीना बाजार जी का जंजाल बन जाता है।
पूरी तरह ठप्प टेªफिक व्यवस्था, बढ़ती गुंडागदी के अलावा देर रात तक शराबा से परेशान यहां के रहवासियों को और परेशान करता है, प्रशासन के अधिकारियों से स्थानीय लोगों ने अपने-अपने स्तर पर कई बार गुहार लगाकर इस जगह मीना बाजार का संचालन नही करने संबंधी मांग की। पर कोई असर नही हुआ, यही कारण रसूखदार मीना बाजार संचालकों को कोई रोक नही पा रहा है और वे महीनो पहले आकर न केवल अपना मीना बाजार सजा चुके हैं बल्कि चोरी की बिजली के अलावा अन्य मनमानी करते जा रहे हैं।
सावित्री नगर में काटा गया बड़ा पेड़
सावित्री नगर में लगने वाले मीना बाजार के संचालक ने अपनी मनमानी की हद को पार करते हुए यहां स्थित एक छायादार पेड काटकर सड़क के किनारे फेंक दिया है जबकि बरसों से यह पेड आसपास के लोगों को छाया देते आ रहा था। लेकिन मीना बाजार संचालक को यह पेड इतना नागवर गुजरा कि उसने पेड को काटकर सड़क पर फेंक दिया। देखना यह है कि अब एक के बाद एक नियम तोड़कर अपना मनमानी करने वाले इन मीना बाजार संचालकों पर नगर निगम और जिला प्रशासन कार्रवाई करता है या नही।
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