रायगढ़। रायगढ़ जिले में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बीती रात हाथियों के एक दल ने गांव में घुसकर 15 से अधिक किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा एक ग्रामीण के मकान और झोपड़ी को भी तोड़ दिया। घटना के बाद प्रभावित ग्रामीणों में दहशत का माहौल है, जबकि वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन करने और आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार, इन दिनों रायगढ़ जिले के जंगलों में कुल 147 जंगली हाथी अलग-अलग दलों में विचरण कर रहे हैं। इनमें रायगढ़ वन मंडल क्षेत्र में 40 और धरमजयगढ़ वन मंडल क्षेत्र में 107 हाथी मौजूद हैं। हाथियों के इस बड़े कुनबे में 48 नर, 71 मादा और 28 शावक शामिल हैं। बताया जा रहा है कि बीती रात भोजन की तलाश में हाथियों का एक दल जंगल से निकलकर गांव के समीप पहुंच गया। इस दौरान हाथियों ने खेतों में घुसकर किसानों की खड़ी फसलों को रौंद दिया। वहीं एक ग्रामीण के मकान और झोपड़ी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर नुकसान का आंकलन शुरू किया।
हाथी प्रभावित गांवों के ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से हाथियों का दल लगातार भोजन और पानी की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख कर रहा है। इससे फसलों को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ ग्रामीणों की संपत्ति भी प्रभावित हो रही है। कई बार हाथी मकानों और झोपड़ियों को भी नुकसान पहुंचा चुके हैं, जिससे लोगों में भय और असुरक्षा की भावना बढ़ गई है।
जिले में हाथियों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग और हाथी मित्र दल पूरी तरह सतर्क है। विभाग की टीमें दिन-रात गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रही हैं। ग्रामीणों से विशेष रूप से रात के समय अकेले बाहर न निकलने और किसी भी कार्य से जंगल की ओर न जाने की अपील की जा रही है।
वन विभाग ने कहा है कि हाथियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रभावित किसानों और ग्रामीणों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
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