Raipur News: रायपुर( नईदुनिया प्रतिनिधि )। दो साल पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मध्यान्ह भोजन बनाने वाले रसोइयों के मानदेय में ₹300 की बढ़ोतरी करने की घोषणा की थी। यह घोषणा अभी तक अमल में नहीं लाई जा सकी है। मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर राजधानी के बूढ़ा तालाब स्थित धरना स्थल से भोजन रसोईया संघ ने रैली निकालकर ज्ञापन सौंपा।छत्तीसगढ़ महिला पुरुष मध्यान्ह भोजन रसोईया संघ के नेतृत्व में निकली रैली में अलग-अलग शहरों से भोजन बनाने के कार्य में लगे पुरुष एवं महिलाएं शामिल हुई। रसोईया संघ के प्रांतीय संरक्षक जीवन लाल साहू ने बताया कि मुख्यमंत्री ने 2019 में ₹300 की बढ़ोतरी करने की घोषणा की थी।
यह घोषणा मात्र घोषणा बनकर रह गई है। संघ ने मानदेय के अलावा प्रत्येक प्राथमिक शाला एवं माध्यमिक शालाओं में एक एक रसोईया श्रमिक का पद स्वीकृत करने की भी मांग की है। उस पद पर 1995 से कार्यरत रसोईया श्रमिक को ही नियुक्त किया जाए और उनसे स्कूल में भोजन पकाने के अलावा समस्त कार्य कराया जाए जिससे शासन का अन्य कार्य भी संपन्न हो सकेगा।
इसमें अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा। अन्य मांगों में रसोईया श्रमिकों को विभाग द्वारा 50% चतुर्थ वर्ग श्रेणी के पद पर नियुक्त किया जाए। साथ ही शैक्षणिक योग्यता के आधार पर रोस्टर तैयार किया जाए। बिना कारण के श्रमिकों को स्व सहायता समूह द्वारा निकाल दिया जाता है, उस पर भी रोक लगाई जाए। रैली बूढ़ा पारा रहा धरना स्थल से निकलकर बूढ़ेश्वर मंदिर होते हुए श्याम टाकीज के आगे पहुंची। सप्रे शाला मैदान के सामने रैली निकाल रहे रसोईया संघ को पुलिस ने आगे नहीं जाने दिया। इसके बाद संघ ने सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा ।
रैली में प्रांतीय सलाहकार उमराव पटेल, जगत राम ठाकुर, हेमंत नाग, नीलू ओंगरे, लोकास चंद्राकर , भागीरथी, गरियाबंद जिला अध्यक्ष संदीप तिवारी, रायगढ़ अध्यक्ष सुरेश भाई सत पंथी धर्म रायगढ़ जिला अध्यक्ष सूरज भाई सतपंथी, धर्म रायगढ़ सचिव जानकी पटवा, राजेश सत पंथी , लैलूंगा से उपाध्यक्ष कलावती, रायगढ़ जिला सचिव कौशल पटेल , बागबाहरा अध्यक्ष पानबाई , आरंग अध्यक्ष फूलबाई, पिथौरा अध्यक्ष सुमन , आरंग सचिव मान कुमार बंजारे, महासमुंद अध्यक्ष द्वारिका कौश, महासमुंद सचिव कलाराम निषाद समेत काफी संख्या में रसोईया कर्मचारी शामिल हुए।
