रायगढ़। एक तरह जहां भूपेश बघेल सरकार अपने चार साल के कार्यकाल की उपलब्धियों को लेकर चैथी वर्षगांठ को गौरव दिवस के रूप में मना रही है तो वहीं रायगढ़ में शहर कांगे्रस की आपसी खींचतान व गुटबाजी होर्डिग्स के रूप में खुलकर सामने आयी है।
आज शहर में भूपेश सरकार के चार वर्ष पूरे हो गए हैं और सरकार इस चैथी वर्षगांठ को गौरव दिवस के रूप में मना रहा है। प्रदेश के सभी जिला मुख्यालय के अलावा विधानसभा स्तर पर सरकार की उपलब्धियों को आमजन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है तो वहीं दूसरी ओर रायगढ़ जिला मुख्यालय में इस गौरव दिवस पर कांगे्रसियांे के बीच लंबे समय से चली आ रही आपसी खींचतान और गुटबाजी होर्डिग्स के रूप में खुलकर सतह पर आ गयी है।
आज शहर के विभिन्न चैक-चैराहों व व्यस्तम मार्गो पर गौरव दिवस के उपलक्ष्य में होर्डिग्स लगाए गए हैं। ये होर्डिग्स शहर के जमुना इन चैक, चक्रधर नगर चैक, शहीद चैक, गोपी टाकीज के पास, स्टेशन रोड़, केवड़ाबाडी बस स्टैण्ड सहित दर्जनभर स्थानों पर लगवाये गए हैं। मगर इन होर्डिग्स से विधायक प्रकाश नायक, महापौर श्रीमती जानकी काटजू, अनिल शुक्ला व निगम सभापति जयंत ठेठवार जैसे प्रमुख जनप्रतिनिधियों की फोटो गायब है, जा आज पूरे शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी खासा चर्चा का विषय बना रहा।
होर्डिग्स में शहर कांगे्रस की बी टीम कही जाने वाले में विरिष्ठ कांगे्रस नेता संतोष राय, पूर्व महापौर जेठूराम मनहर, पूर्व जिला कांगे्रस अध्यक्ष नगेन्द्र नेगी, अनिल अग्रवाल चिकू, मनोज सागर, सतपाल बग्गा, प्रदीप मिश्रा, पार्षद संजय देवांगन, संदीप अग्रवाल, मनीष गांधी, कलदीप नरसिंग, सुनील, महिला कांगे्रस की जिलाध्यक्ष रानी चैहान, जुगरी बाई व पार्वती चैहान की फोटो है। इस होर्डिग्स में छत्तीसगढ़ गौरव दिवस के चार वर्ष पूरे होनें पर इन नेताओं ने न केवल जन जन आभार व्यक्त किया है बल्कि होर्डिग्स के माध्यम से बधाई भी दी है। कुल मिलाकर इस होर्डिग्स से यह स्पष्ट होता है कि आने वाले एक वर्ष में शहर कांगे्रस में घमासान होनें के आसार दिख रहे हैं बल्कि कांगे्रस के भीतर की यह लड़ाई अब खुलकर सामने आने लगी है। अब यह देखना बाकी है कि शहर कांगे्रस के भीतर आपस की इस गुटबाजी और वर्चस्व की लड़ाई का आगामी विधानसभा चुनाव में क्या परिणाम निकलकर आता है।
शहर कांगे्रस अध्यक्ष ने मामले को लिया संज्ञान में
हमारे संवाददाता ने इस संबंध में जब शहर कांगे्रस अध्यक्ष अनिल शुक्ला से चर्चा की तो उनका कहना था कि शहर में जो होर्डिग्स लगे हैं, उसकी जानकारी उन्हें नही है। लेकिन जहां तक वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा की बात है तो जिन लोगों ने भी ये होर्डिग्स लगवाये हैं उनको प्रोटोकाल का ध्यान रखना चाहिए था। उन्होंने कहा कि हालांकि होर्डिग्स लगाना व्यक्तिगत विषय है। इसके बावजूद इस विषय को संज्ञान में लिया जाएगा।
