जिला एवं सत्र न्यायालय घरघोड़ा के विशेष न्यायाधीश( पॉक्सो) सहाबुद्दीन कुरैशी ने न्यायालय में सुनवाई करते हुए 13 साल की नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी सिकंदर भारती पिता इंद्रदेव भारती निवासी ताराईमाल पूंजीपथरा जिला रायगढ़ को दोषी पाते हुए धारा 376 506 भादवि एवं 6 पॉक्सो लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम में आजीवन कारावास की सजा और जुर्माने से दंडित किया है।
विशेष लोक अभियोजन अधिकारी अर्चना मिश्रा ने प्रकरण के संबंध में बताया कि ग्राम पूंजीपथरा में आरोपी प्लांट में काम करता था। तथा वह वर्ष 2024 को दोपहर में नाबालिग बालिका को जबरन अपने साथ लेकर लेबर कॉलोनी में बलात्कार की घटना किया था। जिस पर पीडि़त के परीजनों द्वारा पीडि़त से पूछताछ करने पश्चात तत्काल थाना पूंजीपथरा में अपराध दर्ज कराया गया था जहां धारा 376 506 (2 )भारतीय दंड संहिता एवं छह लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के तहत अपराध पंजीबध हुआ था। प्रकरण में सभी गवाहों का न्यायालय में कथन कराया गया और दोनों पक्षों के वकीलों के दलीलों को सुनने के पश्चात न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया और उसे धर 376 भादवि और 6 पॉक्सो के तहत आजीवन कारावास जाने यानि शेष प्राकृतिक जीवन काल के लिए कारावास की सजा और जुर्माना से दंडित किया गया है। न्यायालयों द्वारा शीघ्र सुनवाई कर दोषी पाए गए अपराधियों को दंडित किए जाने से लोगों के मन में न्यायालय के प्रति विश्वास बढ़ा है।
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