छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में भीषण गर्मी और नौतपा के असर ने हालात भयावह कर दिए हैं। जिले के सरोना गांव में पिछले चार दिनों के भीतर 500 से ज्यादा चमगादड़ों की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों के मुताबिक तेज लू और लगातार बढ़ते तापमान के कारण चमगादड़ अचानक पेड़ों और आसमान से नीचे गिरने लगे, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
तापमान ने तोड़े रिकॉर्ड, वन्यजीवों पर सबसे बड़ा असर
नौतपा शुरू होते ही कांकेर में तापमान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। भीषण गर्म हवाओं और पानी की कमी का असर अब वन्यजीवों पर साफ दिखाई देने लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव के आसपास बड़ी संख्या में चमगादड़ मृत अवस्था में मिले हैं। वन विभाग और प्रशासन भी मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
इंसानों पर भी गर्मी की मार, अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या
गर्मी का असर सिर्फ जानवरों तक सीमित नहीं है। जिला अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में डिहाइड्रेशन, उल्टी-दस्त और हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने, लगातार पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है।
मौसम विभाग की चेतावनी— अभी और बढ़ेगी तपिश
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलने और बच्चों-बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है।
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