नई दिल्ली/रायपुर। देश की आजादी के बाद से लंबे समय से लंबित जशपुर अंचल की बहुप्रतीक्षित रेल संपर्क की मांग अब पूरी होने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ा चुकी है। केंद्र सरकार ने लगभग 291.881 किलोमीटर लंबी धरमजयगढ़–पत्थलगांव–लोहरदगा नई रेल लाइन परियोजना को अधिसूचित कर दिया है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के पूरा होने पर छत्तीसगढ़ का जशपुर जिला पहली बार सीधे राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगा।
इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सतत प्रयासों और क्षेत्र के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का परिणाम माना जा रहा है। लंबे समय से रेल संपर्क से वंचित रहे जशपुर क्षेत्र के लिए यह परियोजना विकास के नए द्वार खोलेगी।
रेल लाइन के निर्माण से जशपुर और आसपास के क्षेत्रों के किसानों, वन उत्पाद संग्राहकों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। कृषि एवं लघु वनोपज को देश के बड़े बाजारों तक पहुंच मिलेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर रेल संपर्क से जशपुर की प्राकृतिक और धार्मिक पर्यटन संभावनाओं को भी नया आयाम मिलेगा। इससे क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा और औद्योगिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
गौरतलब है कि जशपुर क्षेत्र में रेल संपर्क की मांग आजादी के बाद से लगातार उठती रही है। दशकों तक लंबित रहने के बाद अब केंद्र सरकार द्वारा परियोजना की अधिसूचना जारी किए जाने को क्षेत्र के विकास के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे जशपुर सहित पूरे उत्तर छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए कहा है कि यह परियोजना क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
