रामानुजगंज। जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) के पीठासीन अधिकारी के आदेश पर एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए पुलिस विभाग के शासकीय कैदी वाहन को कुर्क-जप्त कर न्यायालय परिसर में खड़ा करा दिया गया है।
बताया जा रहा है कि सड़क दुर्घटना में दो लोगों की मौत के मामले में पीड़ित पक्ष को न्यायालय द्वारा निर्धारित क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान लंबे समय से नहीं किया गया था। क्षतिपूर्ति राशि के भुगतान में विलंब होने पर न्यायालय ने आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के लिए यह कार्रवाई की।
जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग की ओर से पीड़ित पक्ष को देय क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान नहीं किए जाने के कारण जिला एवं सत्र न्यायालय ने शासकीय कैदी वाहन की कुर्की-जप्ती का आदेश जारी किया। आदेश के पालन में वाहन को न्यायालय परिसर में जप्त कर खड़ा कर दिया गया।
इस कार्रवाई के बाद मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। न्यायालय की इस पहल को न्यायिक आदेशों के पालन और पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा
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