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शिक्षा विभाग में विचित्र घटना प्रकाश में आया है तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा नियम विरुद्ध शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुसमरा का आहरण संवितरण अधिकार (DDO) शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धनागर को सौंपा गया है। ताकि वहां के प्राचार्य अपना देयक आहरित कर सके जबकि धनागर विद्यालय वरिष्ठता क्रम में कुसमुरा से नीचे में है ।
विद्यालय के कर्मचारियों द्वारा इसकी शिकायत वर्तमान जिला शिक्षा अधिकारी को की गई है किंतु आज पर्यंत आदेश संशोधन नहीं किया गया है। जबकि जिला शिक्षा अधिकारी ने माना है कि यह गलती हुई है । ऐसी स्थिति में भी आहरण संवितरण अधिकारी (DDO) द्वारा आहरित या वितरित राशि स्वयं अवैध है वहीं DDO द्वारा सेवानिवृत कर्मचारियों का देयक का भुगतान नहीं किया गया है। जो कि न्यायालययीन आदेश के विरुद्ध है ।
