कोरबा। कैनियन पारवो वायरस ने दूसरे क्षेत्रों की तरह कोरबा जिले में भी अपने पैर पसार लिए हैं और लगातार इस वजह से कुत्ते संक्रमित होने के साथ मौत के मुंह में जा रहे हैं। विभिन्न क्षेत्र से इस प्रकार की खबरें लगातार प्राप्त हो रही है। कुत्ता पालने वाले लोग ऐसी घटनाओं से चिंतित हैं और परेशान भी।
कोरबा जिले के रामनगर इलाके में वेटनरी अस्पताल संचालित हो रहा है लेकिन समस्या इस बात की है कि इसके स्तर से संबंधित लोगों को जरूरी सहायता नहीं मिल पा रही है। खबर के अनुसार डॉक्टर चंद्रा को यहां की जिम्मेदारी दी गई है जो समय पर नहीं आते हैं। उनके कामकाज के रवैया पर काफी लोगों को आपत्ति हैं। हाल में ही कुत्तों में नए वायरस और इस वजह से हो रही मौत को लेकर जब कुछ लोगों ने अस्पताल का जायजा लिया तो मालूम चला कि बहुत सारी दवाएं एक्सपायरी हो गई हैं और उन्हें वहां रखा गया है। लोगों का आरोप है कि सही समय पर इनकी उपयोगिता सुनिश्चित नहीं होती है इसलिए इनका बुरा हाल हो गया है। इस मामले को लेकर आए दिन वेटनरी हॉस्पिटल में विवाद की स्थिति निर्मित हो रही है। अब तो मांग उठने लगी है कि डॉक्टर चंद्रा को दर्री स्याहीमुड़ी रामनगर स्थित अस्पताल से हटाने के साथ कहीं और भेज दिया जाए।
स्थानीय नीरज कुमार ने बताया कि उसके घर से महज 100 मीटर की दूरी पर पशु चिकित्सालय है लेकिन नहीं डॉक्टर बैठते हैं और ना ही किसी तरह की सुविधा उपलब्ध है मार्च केवल औपचारिकता ही निभाई जा रही है जिस तरह से जंगली जीव जंतु को लेकर बीमारी फैली है उसे लेकर डॉक्टर गंभीर नहीं है।
अगर डॉक्टर इलाज करते भी हैं तो दवा मनाने के नाम पर वसूली भी की जाती है। लोगों की माने तो पशु चिकित्सालय में कई एक्सपायरी दवाई मिले हैं इसके अलावा व्यवस्था का आलम देखा गया। जहां डॉक्टर ने उनसे सवाल पूछे जाने पर जवाब देने से इनकार किया और कई सवाल जवाब सामने करने लगे वहीं कुछ समय के लिए विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। बताया जा रहा है कि इस इलाके में जो बीमारी फैली है कुत्तों में उसे लेकर लोग डरे समय हुए हैं की कहानी इंसानों पर भी इसका असर न पड़े।
