Bhopal Crime News: भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। छोला मंदिर थाना इलाके में 22-23 जून की दरमियानी रात को हुई पीके अब्राहिम उर्फ अन्ना (60) की हत्या के मामले का पर्दाफाश कर दिया गया है। इस मामले में कैंची छोला निवासी उमेश अहिरवार को गिरफ्तार किया गया है। उसका जीजा दीपक पंथी फरार है। दोनों ने लूट पाट का विरोध करने पर अन्ना की चाकू मारकर नृशंस हत्या कर दी थी।
छोला मंदिर थाना प्रभारी अनिल मोर्य ने बताया कि पीके अब्राहिम उर्फ अन्नाा लगभग 20 साल सें शंकर नगर स्थित झुग्गी में अकेला रहता था। वह पहले विदिशा में पीएचई विभाग में बिजली शाखा में पदस्थ था। एक नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में जेल जाने के बाद वर्ष 2003 में उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। 23 जून की सुबह उसका खून से लथपथ शव उसकी झुग्गी के बाहर पड़ा मिला था। किसी ने उसके गले, पीठ, पैर में चाकू से वार किए थे। अधिक खून बह जाने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। घर की तलाशी के दौरान पुलिस को ऐसा कुछ भी नहीं मिला था, जिससे अन्ना के परिवार के लोगों के बारे में कुछ पता चल सके। तलाशी में एक बैंक की पासबुक मिली थी। उसमें एक लाख रुपये जमा थे।
नशे में लूट की योजना बताई थी
टीआइ मौर्य ने बताया कि अन्नाा के स्वजनों के बारे में कुछ भी पता नहीं चलते से मामले की जांच आगे नहीं बढ़ पा रही थी। इस बीच पिछले दिनों मुखबिर से पता चला कि 22 जून की रात को ट्रेन में चाय बेचने वाले उमेश अहिरवार और उसका जीजा दीपक पंथी एक दोस्त के घर में शराब पी रहे थे। दोनों के पास चाकू भी थे। नशे की हालत में उमेश ने अपने दोस्त को लूटपाट करने का इरादा बताया था।
वारदात के बाद राजस्थान भाग गए थे
रात के समय उमेश और दीपक अन्ना की झुग्गी में पीछे के टूटे हुए दरवाजे से अंदर घुसे थे। नींद खुल जाने के कारण अन्ना ने उन्हें पक ड़ लिया था। इस दौरान दोनों ने अन्ना पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए थे। दोनों अन्ना के पास रखे एक हजार रुपये, एटीएम कार्ड और पासबुक लेकर सीकर (राजस्थान) भाग गए थे। पुलिस ने कैंची छोला निवासी उमेश को गिरफ्तार कर लिया है। फरार दीपक पंथी की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
