क्या आपका सुरक्षित है बैंक में जमा पैसा? यहां तो कैशियर की नीयत हो रही खराब, पैसे लेकर हो गया फरार

by Kakajee News

आम आदमी अपनी गाढ़ी कमाई बैंक में जाकर जमा करता है। कैश जमा होने के बाद पर्ची पर कैशियर मोहर देखकर वह निश्चिंत हो जाता है। लेकिन कभी आपने यह सोचा है कि बैंक में जो पैसा जमा किया वह सुरक्षित है? अगर कैशियर की नीयत सही ना हो तो वह भोले-भाले ग्राहकों की रकम भी हड़प सकता है। ऐसा ही मामला उमरी बेगमगंज स्थित इंडियन बैंक की शाखा में सामने आया है।

बैंक में तैनात कैशियर ने कई लोगों से रुपये लेकर जमापर्ची पर मोहर लगाकर दे दी लेकिन उनके खातों में रकम दर्ज नहीं की। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ कि सोनौली मोहम्मदपुर निवासी हनुमान शरण तिवारी तीर्थयात्रा पर जाने से पहले जमा किए गए 31 हजार रुपये निकालने बैंक पहुंचे।

बैंक मैनेजर निखिल पुंडीर ने बताया कि उनके खाते में पैसा नहीं है। जब उन्होंने जमा की गई रकम की पर्ची दिखाई तो मैनेजर हैरत में पड़ गए। उन्होंने इस बात की सूचना बैंक के उच्च अधिकारियों को दी। इस घटना से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। एक-दूसरे से सुनकर लोगों ने अपने खाते चेक करना शुरू किए। इस पर पता चला कि दर्जनों लोगों से लाखों रुपए की धोखाधड़ी कैशियर ने की है। उसे निलंबित कर दिया गया है।

जांच के दौरान उमरी हुआ था ट्रांसफर इस प्रकरण में मुख्य प्रबंधक इंडियन बैंक संदीप मलिक ने पूछताछ में बताया कि सुधीर कुमार पांडे निवासी तुर्काडीहा वजीरगंज, गोण्डा की नियुक्ति कुछ वर्ष पूर्व तत्कालीन इलाहाबाद बैंक की चौक शाखा गोण्डा में हुई थी। वहां पर भी सुधीर ने काफी वित्तीय अनियमितता की थी। विभागीय जांच के दौरान उसका स्थानांतरण उमरी बेगमगंज शाखा में कर दिया गया था। अब इंडियन बैंक शाखा उमरी बेगमगंज से आई शिकायतों को ध्यान में रखकर आरोपी कैशियर को निलंबित कर दिया गया है। विभागीय अनुमति मिलते ही शीघ्र ही प्राथमिकी दर्ज कर पीड़ित ग्राहकों का शत प्रतिशत पैसा ब्याज सहित वापस कराया जाएगा।

ग्राहकों से बातचीत में कई अहम तथ्य उभर सामने आ रहे हैं। ग्राहकों का कहना है कि आरोपी कैशियर बुजुर्गों व महिलाओं को अपना शिकार बनाता था। इसके साथ उन लोगों पर नजर रखता था जिनके पास कीपैड वाला मोबाइल मौजूद हो। हनुमान शरण के तिवारी के अलावा सोनौली की रहने वाली कल्पा देवी के 49 हजार 500 रुपये, अजय कुमार सिंह के 75 हजार रुपये उसने खाते में जमा नहीं किए। इसके अलावा कई बुजुर्ग व महिलाओं के नाम सामने आ रहे हैं, जिन्होंने अपनी जमा पूंजी गवां दी है।

इंडियन बैंक के अंचल प्रबंधक हेमंत मिश्र का कहना है कि मामले की जानकारी होने पर आरोपी कैशियर को निलंबित कर दिया गया है। पूरे मामले की गहनता से जांच कराई जा रही है। बैंक में किसी भी प्रकार की अनियमितता बरते वाले को बख्शा नहीं जाएगा। बैंक की जांच पूरी होने के बाद कैशियर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

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