यहां पर मानव निवास एक लाख साल पुराना हो सकता है. यहां लगभग 5000 ईसापूर्व से खेती आरंभ हो गई थी. ईरानी लोग लगभग 2000 ईसापूर्व के आसपास उत्तर तथा पूरब की दिशा से आए. फिर उन्होंने यहां के लोगों के साथ एक मिश्रित संस्कृति की आधारशिला रखी जिससे ईरान को उसकी पहचान मिली. आधिनुक ईरान इसी संस्कृति पर विकसित हुआ है.
प्राचीन मिस्र नील नदी के किनारे की एक प्राचीन सभ्यता थी, जो अब आधुनिक देश मिस्र कहलाता है. यह सभ्यता 3150 ईपू पुरानी है.
वियतनाम का इतिहास 2700 सालों से भी ज्यादा पुराना है. बता दें कि वियतनाम युद्ध के समय भारत ने अमेरिका की भूमिका की कड़े शब्दों में निन्दा की थी. कम्बोडिया-वियतनाम युद्ध के समय वियतनाम की सहायता करने वाले देशों में एक भारत भी था.
आर्मेनिया पश्चिम एशिया और यूरोप के काकेशस क्षेत्र में स्थित एक पहाड़ी देश है जो चारों तरफ जमीन से घिरा है. इसे अंतर्राष्ट्रीय मान्यता 25 दिसंबर 1991 को मिली. इसकी राजधानी येरेवन है.
उत्तर कोरिया पूर्वी एशिया में कोरिया प्रायद्वीप के उत्तर में बसा हुआ देश है. इसकी राजधानी प्योंगयांग है. अमनोक नदी और तुमेन नदी उत्तर कोरिया और चीन के बीच सीमा का निर्धारण करती है. चीन की सभ्यता विश्व की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एख है. यहां मानव बसाव लगभग 22.5 लाख साल पुराना है.
भारत के इतिहास की शुरुआत लगभग 65000 साल पहले होमो सेपियन्स के साथ हुई थी. होमो सेपियन्स अफ्रीका, दक्षिण भारत, बलूचिस्तान से होते हुए सिंधु घाटी पहुंचे और यहां बस गए. यहीं से सिंधु घाटी सभ्यता विकसित हुई थी. जॉर्जिया पूर्वी यूरोप में स्थित एक देश है. इसकी सीमा सीमा उत्तर में रूस से, पूर्व में अजरबैजान से और दक्षिण में आर्मीनिया तथा तुर्की से मिलती है.लगभग 21 साल पहले दूसरे विश्वयुद्ध के बाद मित्र राष्ट्रों ने सन् 1948 में एक इजरायल नामक यहूदी राष्ट्र की स्थापना की थी. सूडान का इतिहास ईसा पूर्व हजारों साल पुराना है. यह लगभग उतना ही पुराना है जितना कि नील नदी है.
अफगानिस्तान 7वीं सदी तक अखंड भारत का एक हिस्सा था. माना जाता है कि यह पहले एक हिंदू राष्ट्र था. बाद में यह बौद्ध राष्ट्र बना और अब इस्लामिक राष्ट्र है. 17वीं सदी तक अफगानिस्तान नाम का कोई राष्ट्र नहीं था. ईसा पूर्व 700 साल पहले तक इसके उत्तरी क्षेत्र में गांधार महाजनपद था, जिसके बारे में भारतीय स्रोत महाभारत तथा अन्य ग्रंथों में वर्णन मिलता है.
