अपने ऐसे कई गिरोह के बारे में सुना होगा जो ब्लैक मनी को व्हाइट मनी में बदलते हैं. अवैध तरीके से ब्लैक मनी को व्हाइट मनी में कन्वर्ट करने की प्रक्रिया मनी लांड्रिंग कहलाती है.
आपको बता दें कि हाल ही में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है जिसमें खुद को एक हाउसवाइफ बताने वाली महिला के घर से 30 करोड़ रुपये बरामद किए गए. महिला को 176 अरब रुपए के मनी लांड्रिंग केस में गिरफ्तार किया गया है. पुलिस का कहना है कि यह 114 सालों का अब तक का सबसे बड़ा मनी लांड्रिंग केस हो सकता है. यह मामला हांगकांग का है जहां एक घर में ब्लैक मनी को व्हाइट मनी में कन्वर्ट करने का काम चल रहा था. इस गिरोह में कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
क्या है पूरा मामला?
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की मानें तो 56 साल की महिला को 1 हफ्ते पहले हिरासत में लिया गया है. सीमा शुल्क अधिकारियों ने महिला के फ्लैट पर छापा मारा जहां पर वह मनी लांड्रिंग का रैकेट चला रही थी. महिला समेत पांच और लोगों को गिरफ्तार किया गया. इसके बाद चार और लोगों को हिरासत में लिया गया. महिला पर आरोप है कि उसने 176 अरब रुपए से अधिक ब्लैक मनी को व्हाइट बनाने की कोशिश की है. ब्लैक मनी को व्हाइट में कन्वर्ट करने के लिए इनके पास दर्जनों भर खाते पाए गए हैं. फ्लैट पर मौजूद पैसे का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि उसे गिनने के लिए मशीनों का इस्तेमाल करना पड़ाता था. छापे के दौरान पुलिस अधिकारियों को 30 करोड़ रुपये कैश बरामद हुए.
जांच में सामने आई चौंकाने वाली बात
जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों के होश तब उड़ गए, जब उन्होंने देखा कि जनवरी 2020 से लेकर दिसंबर 2022 के बीच 7600 से अधिक बार इन खातों से लेन-देन की प्रक्रिया की गई है. इसके तहत 176 अरब रुपये इधर-उधर किए गए है. सिंडिकेट को चलाने वाली कंपनी ने 11 कंपनियां बना ली थीं. छापेमारी के दौरान पुलिस को कई मशीन, बैंक कार्ड और सीक्रेट पेपर्स भी मिले हैं.
