जशपुर। जशपुर जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पत्थलगांव के शासकीय अस्पताल में ड्यूटी कर रही नर्स ने एक नवजात बच्ची को उसके माता-पिता से इलाज के बहाने ले जाकर अवैध रूप से एक दंपत्ति को सौंप दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नर्स समेत गोद लेने वाले दंपत्ति को गिरफ्तार कर लिया है।
पत्थलगांव के कोडेकेला घरजियाबथान निवासी सुखदेव नाग (45 वर्ष) ने थाना पत्थलगांव में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी पत्नी दिलासो बाई ने 28 अगस्त को शासकीय अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया। 30 अगस्त को अस्पताल से छुट्टी के समय नर्स अनुपमा टोप्पो (33 वर्ष, निवासी गिरांग, जशपुर) बच्ची को टीका लगाने के बहाने ले गई और माता-पिता को विश्वास दिलाया कि बच्ची की तबीयत बिगड़ गई है और इलाज के लिए बाहर भेजना होगा।
नर्स ने बच्ची के पिता से कुछ कागजों पर दस्तखत भी करवा लिए। इस दौरान कोरबा निवासी निशिकांत मिंज (43 वर्ष) और उनकी पत्नी सुमन वानी मिंज (43 वर्ष) भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि बच्ची का इलाज वे कराएंगे और बाद में बच्ची लौटा देंगे। परंतु समय बीतने पर जब बच्ची वापस नहीं मिली तो परिजनों को शक हुआ। पड़ताल करने पर खुलासा हुआ कि बच्ची को कोरबा निवासी दंपत्ति को अवैध रूप से सौंप दिया गया है।
प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना पत्थलगांव में आरोपियों के खिलाफ जेजे एक्ट की धारा 80 और 81 के तहत अपराध दर्ज किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश और एसडीओपी धुर्वेश जायसवाल के नेतृत्व में टीम ने जांच शुरू की।
जब पुलिस ने कोरबा के दंपत्ति से बच्ची गोद लेने के वैध दस्तावेज मांगे तो वे कुछ भी पेश नहीं कर सके। सबूत मिलने पर पुलिस ने नर्स अनुपमा टोप्पो, दंपत्ति निशिकांत और सुमन वानी मिंज — तीनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नवजात बच्ची को सुरक्षित बरामद कर चाइल्ड हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में रखा है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा “पत्थलगांव के शासकीय अस्पताल में नर्स द्वारा माता-पिता को धोखे में रखकर नवजात बच्ची को अवैध रूप से एक दंपत्ति को सौंपा गया था। प्रार्थी की रिपोर्ट पर तत्काल कार्रवाई करते हुए नर्स और दंपत्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है। बच्ची को भी सुरक्षित बरामद कर स्वास्थ्य केंद्र में रखा गया है।”
इस कार्रवाई में एसडीओपी धुर्वेश जायसवाल, थाना प्रभारी निरीक्षक विनीत कुमार पांडे, उपनिरीक्षक संतोष तिवारी, प्रधान आरक्षक मिथलेश यादव तथा आरक्षक तुलसी रात्रे की विशेष भूमिका रही।
