डेस्क न्यूज। खाना बनाते वक्त सिलिंडर लीक होने से आग लग गई। आग से बच्चा जिंदा जल गया जबकि बहन झुलस गई। अग्निशमन कर्मियों ने जान पर खेलकर रेस्क्यू किया। बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बरेली में कोतवाली के पीछे आजमनगर की तंग गली के घर में सिलिंडर लीक होने से बरामदे में आग लग गई। इससे कमरे में सो रहे भाई-बहन घिर गए। बच्ची की जान बच गई पर सात साल के शेखू की मौत हो गई। दमकल कर्मियों ने रेस्क्यू कर दोनों को बाहर निकाला। बच्ची का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
आजमनगर की जोगियान गली निवासी शादाब रविवार शाम पांच बजे नमाज पढ़ने गए थे। उनकी पत्नी समरीन बरामदे में खाना बना रही थीं। सात साल का बेटा शेखू और 12 साल की बेटी अरीना अंदर कमरे में सो रहे थे। इसी दौरान सिलिंडर में लगा रेगुलेटर लीक होने से पहले बरामदे में और फिर कमरे में आग फैल गई। समरीन शोर मचाती हुई मदद के लिए बाहर भागीं।
पड़ोसियों ने सूचना दी तो थोड़ी देर बाद पहुंची दमकल की टीम ने रेस्क्यू शुरू किया। मुश्किल हालात से जूझकर दोनों बच्चों को निकाला पर तब तक शेखू की मौत हो चुकी थी। अरीना को पहले जिला अस्पताल और फिर निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां उसका उपचार चल रहा है। एफएसओ संजीव कुमार यादव ने बताया कि तंग गली में ऑपरेशन के दौरान दिक्कत आई। चार गाड़ियां लगाकर आग पर काबू पा लिया गया। अफसोस है कि एक बच्चे को नहीं बचा सके।
शादाब के घर में लगी आग से परिवार तबाह हो गया। गरीब के बेटे की जान चली गई और बेटी की जान भी खतरे में है। परिवार का पूरा सामान नष्ट हो गया। ईद की तैयारी भी धरी रह गई।
शादाब काफी समय से अपनी ससुराल में ही रह रहा है। उसका मकान तंग गली में अंदर की ओर है। मकान बेहद छोटा है। इसमें कमरे के आगे के बरामदे को भी ढंककर कमरे जैसा रूप दे दिया गया है।
इसी में समरीन की रसोई थी, जहां वह इफ्तार का सामान तैयार कर रही थी। पति शादाब व परिवार के अन्य लोग नमाज पढ़ने गए थे। इस बीच लगी आग ने बेटे शेखू की जान ले ली तो बेटी अरीना अस्पताल में भर्ती है। गृहस्थी का सारा सामान भी आग की भेंट चढ़ गया।
